Bharatart

Maurya Prakash
Maurya Prakash
Bhojpuri Writer
Deoria

QUICK OVERVIEW

माता पिता एवं बुजुर्ग भाई लोग आप सभी को हाथ जोड़ के प्रणाम नमस्कार कर रहे हैं    आज जो भी कुछ हूं। मैं आप लोग के प्यार दुलार और आशिर्वाद से हुं। आप लोग ऐसा ही प्यार दुलार और आशिर्वाद बनाए रखे। मैं आप लोग का हल पल आभारी रहूंगा। नमस्कार ............ मैं एक छात्र से लेखक कैसे बना आप लोग जरूर जानिए इस तथ्य को........ आज से कुछ साल पहले जब मैं छोटा था।तब जब भी मैं फिल्म या गाना देखता था या सुनता था तो मेरा भी मन करता था कि मैं भी फिल्म में जाऊ. लेकिन कुछ समझ में नहीं आता था कि मैं इसके लिए क्या करू। और किसी से कुछ पूछ भी नही पाता था. ऐसा ही सोचते सोचते कुछ दिन गुजर गया। फिर मेरे मन में गाना लिखने का ख्याल आया। उस समय पवन सिंह का एक नया गाना मार्केट में आया था। कमरिया करें ला पा लप लाली पप लागेलु। इसी ट्रैक पर मैंने एक देशभक्ति गीत लिखा।   जब आवेला दिन आजादी।   ढोलक झाल बजावस पाजी।  इंडिया टप लागेला।  तिरंगावा करे लापा लप लाली पप लागेला।  इस मेरे गीत को लोग सुन कर बहुत खुश थे और है. और यही से मैं गीत लिखाना शुरू किया। मुझे इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बहुत ज्यादा समय लग गया। इसके पीछे बहुत बड़ा कारण है कि मैं एक छोटे गांव एवं गरिब परिवार से परिचित हूँ। हर दुःख दर्द को सहन करना पड़ता था। पैसे न होने के कारण मैं किसी से मिल नही पाता था और नाही कुछ कर पाता। मेरे माता पिता का आशिर्वाद हमेशा साथ था और आज भी है।  मेरे माता पिता का कहना था कि तुमे क्या बनना है ऐ सब तुम्हारे हाथ में है हम लोग का आशिर्वाद हमेशा तुम्हारे साथ है। जिसे तुम चाहते हो उसे कभी हार मत मानना। बस विश्वास रखना  एक दिन तुमे मंजिल जरूर मिलेगी। मैं भी ऐसा ही किया कभी हार नहीं माना। हमेशा उस पल का इंतजार किया और इंतजार करता हूँ।   धन्यवाद आप सभी को.............

HOW TO REACH?

Mobile: 9452951000
Email: contact@bharatart.com

About

माता पिता एवं बुजुर्ग भाई लोग आप सभी को हाथ जोड़ के प्रणाम नमस्कार कर रहे हैं 

 

आज जो भी कुछ हूं। मैं आप लोग के प्यार दुलार और आशिर्वाद से हुं। आप लोग ऐसा ही प्यार दुलार और आशिर्वाद बनाए रखे। मैं आप लोग का हल पल आभारी रहूंगा।

नमस्कार ............

मैं एक छात्र से लेखक कैसे बना आप लोग जरूर जानिए इस तथ्य को........

आज से कुछ साल पहले जब मैं छोटा था।तब जब भी मैं फिल्म या गाना देखता था या सुनता था तो मेरा भी मन करता था कि मैं भी फिल्म में जाऊ. लेकिन कुछ समझ में नहीं आता था कि मैं इसके लिए क्या करू। और किसी से कुछ पूछ भी नही पाता था. ऐसा ही सोचते सोचते कुछ दिन गुजर गया। फिर मेरे मन में गाना लिखने का ख्याल आया। उस समय पवन सिंह का एक नया गाना मार्केट में आया था। कमरिया करें ला पा लप लाली पप लागेलु। इसी ट्रैक पर मैंने एक देशभक्ति गीत लिखा।  

जब आवेला दिन आजादी।  

ढोलक झाल बजावस पाजी। 

इंडिया टप लागेला। 

तिरंगावा करे लापा लप लाली पप लागेला। 

इस मेरे गीत को लोग सुन कर बहुत खुश थे और है. और यही से मैं गीत लिखाना शुरू किया। मुझे इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बहुत ज्यादा समय लग गया। इसके पीछे बहुत बड़ा कारण है कि मैं एक छोटे गांव एवं गरिब परिवार से परिचित हूँ। हर दुःख दर्द को सहन करना पड़ता था। पैसे न होने के कारण मैं किसी से मिल नही पाता था और नाही कुछ कर पाता। मेरे माता पिता का आशिर्वाद हमेशा साथ था और आज भी है।  मेरे माता पिता का कहना था कि तुमे क्या बनना है ऐ सब तुम्हारे हाथ में है हम लोग का आशिर्वाद हमेशा तुम्हारे साथ है। जिसे तुम चाहते हो उसे कभी हार मत मानना। बस विश्वास रखना  एक दिन तुमे मंजिल जरूर मिलेगी। मैं भी ऐसा ही किया कभी हार नहीं माना। हमेशा उस पल का इंतजार किया और इंतजार करता हूँ।  

धन्यवाद आप सभी को.............

Achievements

In Media

Events

Photo Gallery

Maurya Prakash Kumar
Maurya Prakash Kumar